This Blog is also available in English.
RTO लाइन में घंटों खड़े रहना, डॉक्यूमेंट्स की फाइल तैयार करना, फिर लाइसेंस टेस्ट का इंतजार, अगर स्कूटी खरीदने से पहले यही सब सोचकर मन भारी हो जाता है, तो आपके लिए एक ऐसी कैटेगरी है जिसमें यह पूरा झंझट सिरे से गायब हो जाता है। इसे कहते हैं Non-RTO स्कूटर।
Non-RTO स्कूटर का मतलब क्या है
Non-RTO स्कूटर वह इलेक्ट्रिक स्कूटर होता है, जिसे सरकार मोटर व्हीकल की जगह इलेक्ट्रिक बाइसाइकिल जैसा ट्रीट करती है। इसके लिए दो शर्तें तय हैं, टॉप स्पीड ज्यादा से ज्यादा 25 km/h और मोटर पावर ज्यादा से ज्यादा 250 वॉट। जो स्कूटी इन दोनों लिमिट के अंदर रहती है, उसे न रजिस्ट्रेशन चाहिए, न नंबर प्लेट, न ड्राइविंग लाइसेंस। बिना लाइसेंस स्कूटी चलाने के पूरे नियम और पात्रता की जानकारी इस ब्लॉग में विस्तार से दी गई है।
Non-RTO स्कूटर कौन चला सकता है
भारत में 16 साल या उससे ज्यादा उम्र का कोई भी व्यक्ति Non-RTO स्कूटर चला सकता है। यह खासतौर पर स्टूडेंट्स, सीनियर सिटीजन, ऑफिस जाने वाले लोगों और छोटी दूरी तय करने वाले राइडर्स के लिए बनाया गया है।
Non-RTO स्कूटर के आंकड़े क्या कहते हैं
|
फैक्टर |
Non-RTO स्कूटर |
RTO वाली हाई-स्पीड स्कूटर |
|
टॉप स्पीड |
25 km/h तक |
50 से 100 km/h |
|
मोटर पावर |
250W तक |
1000W से ऊपर |
|
लाइसेंस |
जरूरी नहीं |
जरूरी |
|
रजिस्ट्रेशन |
जरूरी नहीं |
अनिवार्य |
|
इंश्योरेंस |
वैकल्पिक |
अनिवार्य |
|
औसत कीमत |
Rs.85,000 से ऊपर |
|
|
रोजाना की सफर सीमा |
30 से 40 किमी |
60 किमी से ज्यादा |
इन आंकड़ों से साफ है कि Non-RTO स्कूटर उन लोगों के लिए बना है जिनका रोजाना का सफर सीमित है और जो बिना कागजी झंझट के तुरंत राइडिंग शुरू करना चाहते हैं। सरकारी सब्सिडी का फायदा इस कैटेगरी पर आमतौर पर लागू नहीं होता, क्योंकि PM E-DRIVE जैसी स्कीम हाई-स्पीड और सर्टिफाइड Lithium-ion बैटरी वाले मॉडल के लिए बनी है। इसकी पूरी शर्तें इलेक्ट्रिक स्कूटर सब्सिडी वाले लेख में समझाई गई हैं।
Non RTO Scooter के फायदे
लाइसेंस की झंझट नहीं - 16 साल या उससे ऊपर की उम्र का कोई भी व्यक्ति इसे चला सकता है। स्टूडेंट्स, सीनियर सिटीज़न, घर की महिलाएं - किसी को भी लाइसेंस बनवाने के लिए लाइन में लगने की ज़रूरत नहीं।
इंश्योरेंस भी अनिवार्य नहीं - कानूनन इसकी ज़रूरत नहीं है, जिससे हर साल करीब 1,500 से 3,000 रुपये तक की बचत होती है। हालांकि, वॉलंटरी इंश्योरेंस लेना समझदारी भरा फैसला रहता है।
रनिंग कॉस्ट बहुत कम - इलेक्ट्रिक स्कूटर का खर्च करीब 0.20 से 0.30 रुपये प्रति किलोमीटर आता है, जबकि पेट्रोल स्कूटर पर यह 2 से 3 रुपये प्रति किलोमीटर बैठता है। जो व्यक्ति महीने में 1,000 किमी चलाता है, उसकी बचत करीब 1,700 से 2,700 रुपये प्रति महीना हो जाती है।
रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स से मुक्ति - शोरूम से निकलते ही स्कूटी घर ले जाई जा सकती है। न RC बुक का इंतज़ार, न नंबर प्लेट की लाइन।
शहर में चलाना ज़्यादा सुरक्षित - 25 किमी/घंटा की स्पीड लिमिट कॉलोनी की सड़कों, स्कूल ज़ोन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में चलाने के लिए एक असली सेफ्टी फीचर है।
Zelio के Non-RTO स्कूटर
Zelio के ज्यादातर मॉडल इसी लो-स्पीड Non-RTO कैटेगरी में आते हैं। इनकी कीमत और रेंज बैटरी टाइप के हिसाब से बदलती है।
|
मॉडल |
Lead Acid कीमत |
Lithium-ion कीमत |
दावा की गई रेंज |
|---|---|---|---|
|
Rs.55,834 |
Rs.72,509 |
90 किमी |
|
|
Rs.51,233 |
Rs.70,784 |
60 से 90 किमी |
|
|
Rs.58,159 |
Rs.74,834 |
70 से 80 किमी |
|
|
Rs.61,609 |
Rs.78,284 |
100 से 120 किमी |
|
|
Rs.65,059 |
Rs.81,734 |
150 किमी |
|
|
Rs.61,584 |
Rs.78,259 |
80 से 100 किमी |
|
ये कीमतें सिर्फ हरियाणा और पंजाब मार्केट के लिए हैं, बाकी राज्यों में कीमत अलग हो सकती है।
इन सभी मॉडल्स की पूरी कीमत लिस्ट, बाकी बैटरी वेरिएंट के साथ, बैटरी स्कूटी प्राइस लिस्ट में देखी जा सकती है।
किस Zelio मॉडल को चुनना सही रहेगा
अगर बजट सबसे बड़ी प्राथमिकता है, तो Zelio Little Gracy सबसे किफायती Non-RTO विकल्प है, जो स्टूडेंट्स और पहली बार खरीदने वालों के लिए सही बैठती है।
रोजाना ज्यादा दूरी तय करनी हो तो Zelio Legender+ Premium इस लिस्ट में सबसे ज्यादा रेंज देती है, यही वजह है कि हाल ही में Live Hindustan ने भी इसे Rs.1 लाख से कम के दमदार स्कूटर में शामिल किया।
रोजमर्रा के बैलेंस्ड इस्तेमाल के लिए Zelio Eeva और Zelio Gracyi दोनों अच्छे विकल्प हैं।
नजदीकी Zelio डीलर कैसे ढूंढें
अगर टेस्ट राइड लेनी हो या कीमत को अपने राज्य के हिसाब से कन्फर्म करना हो तो Zelio डीलर लोकेटर से नजदीकी शोरूम का पता लगाया जा सकता है।

.webp)

